Anar Ki Kheti Kaise Kare

Anar Ki Kheti Kaise Kare

Anar Ki Kheti Kaise Kare: अनार (pomegranate) का फल सेहत और धन कमाने में बहुत उपयोगी होता है। अनार में Protein, Carbohydrate, Fiber, Vitamins, Anti-oxidants and Minerals में समृद्ध है। अगर आप अनार उगाना चाहते हैं तो यह लेख आपकी बहुत मदद करेगा। इस लेख में हम आपको अनार की खेती (Pomegranate farming)से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे।

Anar Ki Kheti Kaise Kare

अनार का फल एनीमिया, कब्ज की शिकायत, त्वचा की चमक और ऊर्जा बढ़ाने के लिए बहुत उपयोगी है। इसके छिलके से आयुर्वेदिक औषधि भी बनती है। हमारे देश में, अनार Maharashtra, Gujarat, Rajasthan, Madhya Pradesh और Uttar Pradesh में व्यापक रूप से उगाया जाता है। अनार एक ऐसा फल है जो कम पानी वाले क्षेत्रों में अच्छी तरह से उगता है। अनार की खेती से किसान कम लागत में अधिक लाभ कमा सकते हैं।

जलवायु और भूमि कैसी होनी चाहिए

यह एक महत्वपूर्ण फल है जो शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगता है। इसकी खेती मुख्य रूप से Temperature, प्रकाश, आर्द्रता और वर्षा जैसे कारकों से प्रभावित होती है। अनार का पौधा बहुत कम तापमान से लेकर अत्यधिक तापमान (48 degree celcius) तक जीवित रह सकता है। फलों की वृद्धि और पकने के दौरान गर्म और शुष्क जलवायु को अच्छा माना जाता है। ज्यादा देर तक Temperature ज्यादा रहने से फलों की मिठास बढ़ जाती है। जबकि humid climateसे फलों की गुणवत्ता प्रभावित होती है और कवक रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है।

अनार को विभिन्न प्रकार की मिट्टी में सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है, लेकिन इसके सफल उत्पादन के लिए कार्बनिक पदार्थों से भरपूर अच्छी जल निकासी वाली, बलुई-दोमट मिट्टी को आदर्श माना जाता है। मिट्टी का Ph 6.5 से 7.5 पर ठीक होता है, लेकिन इसके उत्पादन को 8.5 Ph तक मिट्टी में ले जाया जा सकता है।

सिंचाई प्रबंधन कैसा हो

सिंचाई का सही समय मिट्टी के प्रकार, मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा और मौसम जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। पहली सिंचाई बुवाई के तुरंत बाद करनी चाहिए, उसके बाद गर्मियों में 7 से 10 दिन और सर्दियों में 15 से 20 दिन करनी चाहिए।

 यदि वर्षा ऋतु में वर्षा नहीं होती है, तो आवश्यकतानुसार पानी देना चाहिए, साथ ही रुके हुए क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

अनार की उन्नत किस्में (varieties)

गणेश- इस किस्म के फल मध्यम आकार के और बीज नरम और गुलाबी रंग के होते हैं।यह Mahrashtra की एक लोकप्रिय और प्राचीन किस्म है।

भगवा-इस किस्म के फल बड़े आकार के भगवा रंग के चिकने और चमकदार होते हैं। इस varietie से प्रति पौधा 30 से 38kg उपज प्राप्त की जा सकती है।

ज्योति- चिकनी सतह और पीले लाल रंग के साथ यह प्रकार आकार में मध्यम से बड़ा होता है। यह किस्म प्रति पौधा 10-12 Kg उत्पादन करती है।

मृदुला- यह किस्म गहरे लाल रंग की होती है। इसके बीज मुलायम, रसीले और मीठे होते हैं। इस किस्म के फलों का औसत वजन 250-300 Gram होता है।

कांधारी- इस किस्म के फल बड़े, अत्यधिक रसीले और बीच में सख्त होते हैं। इसके अलावा हम आपको बताएंगे कि कई उन्नत प्रकार हैं। । जैसे- Arkata Ruby, Guleshah, Bedana, Karkai इत्यादि। 

अनार की फसल में लगने वाले रोग

अनार की फसल के रोगों में pomegranate butterfly, stem borer, mahu और sarcospora fruit spot  महत्वपूर्ण हैं। अनार के बागों में बीमारियों से बचाव के लिए किसान खरपतवार नियंत्रण weed control पर विशेष ध्यान दें। किसान अनार के पौधों की समय-समय पर कटाई व छंटाई करें।

अनार के बाग में किसी भी तरह की बीमारी होने पर किसान तुरंत कृषि विज्ञानी या अधिकारियों से संपर्क करें।

पौधे की देखरेख कैसे करे?

अनार का पौधा खेत में लगाने के बाद उसमें 4 से 5 फीट लंबे तीन से चार तने लगाएं। साथ ही इन सभी तनों में तीन से चार फीट गहरी नई शाखाएं न बनने दें इससे पौधे का आकार अच्छा बनता है। पौधा अच्छी तरह से विकसित होगा क्योंकि पौधों के पकने से पहले सूखी शाखाओं को काट दिया जाता है। साथ ही पौधे पर नई शाखाएं पैदा होती हैं, जिससे उपज में वृद्धि होती है।

अनार के पौधे में साल में दो से तीन बार फूल आते हैं। लेकिन अनार की फसल साल में एक बार ही ली जाती है। अत: unnecessary time पर आने वाले फूलों को हटाना आवश्यक है, क्योंकि इससे एक बार में ही पौधे से अच्छी उपज प्राप्त होगी।

फलों की तुड़ाई

अनार (pomegranate)के फल पूरी तरह से पकने के बाद ही तोड़ें। अनार के फल फूल आने के 120 से 130 दिन बाद पक कर तैयार हो जाते हैं। इसके फल लाल रंग के साथ पीले रंग के दिखाई देते हैं और छिलका चमकीला दिखने पर तोड़ लेना चाहिए। इसके फलों को कुछ दिनों तक स्टोर करके रखा जा सकता है। ताकि इसे बाजार में अच्छी कीमत पर बेचा जा सके।

पैदावार और लाभ

अनार के पौधे एक बार लगाने के बाद लगभग 20 से 25 वर्षों तक फल दे सकते हैं। उचित देखभाल के साथ, पौधा तीन से चार साल बाद फल देना शुरू कर देगा। एक पौधे से औसतन 15 से 20 किलो फल प्राप्त किया जा सकता है और प्रति हेक्टेयर 600 से अधिक पौधे लगाए जा सकते हैं। इससे एक हेक्टेयर में प्रति वर्ष 90 से 120 क्विंटल उत्पादन हो सकता है। इस प्रकार कृषक भाइयों की उपज एक बार में 5 से 6 लाख तक आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

Credit: Ravizone Farming Leader

निष्कर्ष

अनार की खेती(pomegranate farming) बहुत ही लाभकारी व उपयोगी होता हैं।अनार (pomegranate) में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और खनिज पाया जाता है।अनार की खेती कर काफी किसानों ने मुनाफा कमाया है,अनार की खेती करने के लिए ज्यादा खर्च की आवष्यकता नहीं होती हैं। आज के युग में अनार की खेती करके किसान भाई इस खेती से लाखो रूपये कमा सकते हैं, किसान भाईयों का कहना हैं कि इसकी खेती करने के 4-5 साल बाद अच्छी income की उम्मीद रहती हैं।

इसे भी पढ़े:

तो किसान मित्रों, यह है अनार की खेती (pomegranate farming) के बारे में पूरी जानकारी। मुझे उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें। यदि आपके कोई प्रश्न हैं, तो आप हमें एक टिप्पणी छोड़ सकते हैं। पूरा लेख पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Leave a Comment

Your email address will not be published.